निमार्ण करती है. प्रत्येक व्यक्ति किन्ही एसे ध्येय की पूर्ति करना चाहता है जिसे वह अकेला नही कर सकता फलस्वरूप संगठन का उदय होता है .
हमलोग भी कुछ ध्येय की पूर्ति के लिए आज संगठन बनाए की ओर प्रयत्नशील है हमलोग का भी ध्येय साझा ले . आज विदित है की हमलोग विश्च्ख्ल एवं विभिन्न रूप मे जीवनयापन मे जीकर अपने समाज , अपने ग्राम्य अपने परिवेश मे भी अजनबी बनकर रह गये है . आज हमलोगो नेआपने पुरानी समृद्ध एवम् स्वर्णिम अतीत को भुलाकर बैमन्वायता , कटुता , पारस्परिक द्वेष आदि के बीज बो दिए है . आज हम आपसी सौहार्द के जगह आपसी हिंसा एवं संघर्ष के बीच आपने ही समाज मे जी रहे है .इन्ही समस्याओ के परिप्रेसी मे हमलोगो के पुनः जागृत होकर एक ध्येय को, एक उद्देश्य को स्थापित करने का प्रयास कर रहे है व ध्येय है हम आपने पुराने अतीत के स्वर्णिम , सौहार्दयपूर्ण , सामाजिक तथा ग्राम्य एकाता को स्थापित करना . सामाजिक एकता तथा ग्राम्य एकीकरण साध्य है. जबकि संगठन इसका साधन है
यह बात ध्यान देने योग्य है की किसी भी समाज मे एकता को तुरंत स्थापित नही किया जा सकता है. बल्कि यह धीरे धीरे और क्रमिक रूप से होता है जैसे जैसे समाज मे जनजागरूकता समाज के प्रति सकारात्मक नज़रिया का विकास होता है. लोगो मे भावनात्मक . उत्पन्न होता है कैसे : समाज एकीकरण की ओर बदता है.
एकता को स्थापित करने का एक सही तरीका यह भी है की लोगो के बीच एक सही सोच दृष्टिकोण विकसित किया जे . क्योकि किसी भी समाज मे निरंतर परिवर्तन होता रहता है . पुरानी पीढ़ी के स्थान पर नई पीढ़ी का आगमन होता है. यह नई पीढ़ी आपने समाज के अतीत को नही जनता है . आपने से पिछ्ले पीढ़ी के समय की आपसी सहयोग , सौहार्डी आपसी भावनात्मक लगाव से अप्रिस्थित हो जाता है. नई पीढ़ी आपने समकालीन जिस प्रकार के परिवेश को पता है उसे लगता है की यह समाज हमेशा एसा ही था .
समाज मे परिवर्तन के साथ ही कुछ परंपराए विलुप्त हो जाती है . कुछ विभिन्न कारको से आपसी . बिगड़ जाता है नया समाज छिन्न भिन्न हो जाता है . नई पीढ़ी आपने आपको एसे ही परिवेश मे पाता है और उसी के अनुकूल आपना आचरण करने लगता है परिणाम यह होता है की समाज और भी विखंडित हो जाता है . यह घटना और भी तेज़ गति से घटित होती है .जहा के अधिकांश लोग सामाजिक ज्ञान से वंचित है.
अतः सामाजिक एकता ओर एकीकरण और तेज़ गति देने के लिए. और इसे आसान बनाए के लिए संगठन का निर्माण कर हम उस नई पीढ़ी को ज़्यादा तहज़ीब देकर उसमे पुराने अतीत के सौहार्द पूर्ण परिवेश के विषय मे संगठन के मध्यम से उसमे प्रेरणा भरनाए का कार्य करे
उरपुक्त समस्याओ को ध्यान मे रखकर हमलोगो ने संगठन के निर्माण का संकल्प लिया है. एक एसा स्ंगठन जो सक्षम मजबूत कार्यशील एवं प्रगतिशील हो हमे आशा है की हमलोग संगठन के मध्यम से आपने पुराने परंपराव को लौटा सकेगे






